• Prof. Arun Mishra

पैसा कैसे कमाएं

कैसा पैसा कमाएं - 01


अच्छे काम करें. जिससे कमाएं उसकी जरूरतें पूरी हों, उसके मन को संतुष्टि मिले, उसे खुशी मिले. इस तरह के काम से कमाए हुए लाभ को शुभ लाभ कहते हैं ।

किसी को प्रताड़ित करके, दुखी करके, नुकसान करके, कमाए गए पैसे या लाभ को अशुभ लाभ कहते हैं. अशुभ लाभ से, आज नही तो कल, जीवन मे अशुभ होता है ।

शुभ लाभ से जीवन मे शुभ होता है । इसलिए कम कमाएं या जादा कमाएं, पर प्रयास करें कि हमेशा शुभ लाभ ही कमाएं ।

पैसा कैसे कमाएं - 02

समझना है और काम करना है । क्या समझना है ? समझना है कि आप को क्या अच्छा लगता है मतलब किन कामों में इंट्रेस्ट है, आप के पास किस चीज का ज्ञान है, आप के पास कौन सा हुनर है, इंट्रेस्ट ज्ञान व हुनर से मिलता जुलता काम ढूंढ़ना है और वह काम करना है ।

ढूंढ़ने से वैसा काम न मिले तो क्या करना है ? वैसा काम न मिले तो दो रास्ते हैं : पहला - उससे मिलता जुलता दूसरा काम ढूंढ़ना है, मतलब विकल्प देखना है, दूसरा - वैसा काम बनाना है, क्रिएट करना है ।


उदाहरण : अगर आप को एकाउंट्स में इंट्रेस्ट है, व एकाउंट्स का ज्ञान है व जरनल, लेजर, ट्रायल बैलेंस, बैलेंस शीट आदि बनाने का हुनर है, तो एकाउंटिंग का काम ढूंढ़िए । ऐसा काम न मिले तो मिलता जुलता काम, जैसे कि टैक्सेशन, इन्शुरन्स, लोन, शेयर्स आदि का काम ढूंढ़िए ।

उदाहरण : अगर आप को लोगों से मेल जोल, बात चीत में इंट्रेस्ट है, आपको सेल्स का ज्ञान है जैसे कि सेल्स के लिए कैसे प्लान करना है, कैसे प्रेजेंट करना है, कैसे समझाना है, ... आपको खरीदने बेचने का हुनर है, तो सेल्स का काम ढूंढ़िए, सेल्स का काम न मिले तो मिलता जुलता काम जैसे कि एडवरटाइजिंग व प्रमोशन का काम ढूंढ़िए ।

ध्यान रखिए : अरुण का कहना है कि अगर आप इंटरव्यू में जाते हैं और वहाँ पूछा जाता है कि आप क्या कर सकते हैं तो यह मत बोलिए - कुछ भी कर सकते हैं या सब कुछ कर सकते हैं. आप उनको बताइए कि आप के इंटरेस्ट क्या है और हुनर क्या है और उससे जुड़े काम कर सकते हैं.

जैसे कि संगीता ने बताया कि वो ऑफिस को साफ सुथरा नीट क्लीन रखवा सकती है, पेपर व फाइलें ढंग से व्यवस्थित रख सकती है, लोगों के आने जाने का रिकॉर्ड रख सकती है, टाइम शेड्यूल बना सकती है, प्लान चार्ट बना सकती है और थोड़ा बहुत एकाउंट्स भी कर सकती है । ऑफिस वालों ने उसे फ्रंट डेस्क अटेंडेंट व सेक्रेटरी का काम दे दिया ।

पैसा कैसे कमाएं - 03


पैसा कमाने का एक रास्ता नौकरी है. अगर नौकरी न मिले तो क्या करें ? देश मे 60 करोड़ युवा हैं. 15 करोड़ लोग नौकरी करते हैं. बाकी लोग दूसरे काम करते हैं जैसे कि मजदूरी, खेती, दूकान, व्यापार, सेवा, कलाकार, ट्रैवेल ट्रांसपोर्ट, स्वरोजगार, ... आदि. यदि नौकरी नही मिल रही तो दो रास्ते हैं. पहला - 6 महीने और कोशिश कर लें, दूसरा - दूसरे विकल्प देखें. नौकरी कैसे मिलेगी, यह लंबी चर्चा है. इतना समझ लें कि इसके लिए ज्ञान व हुनर, दोनों की जरूरत पड़ेगी. किसी का रिकमेन्डेशन हो तो सबसे अच्छा. ये तीनों होने के बाद भी समय लग सकता है या हो सकता है कि नौकरी न मिले क्योंकि वेकैंसी बहुत कम हैं जबकि लोग बहुत जादा हैं. नौकरी न मिले तो निराश होने की कोई बात नही है. 60 करोड़ में 15 करोड़ ही नौकरी करते हैं, 45 करोड़ दूसरे काम करते हैं. आप शायद 45 करोड़ के साथ हैं. आप दूसरे काम देखिए, जो सरल लगे, सहज हो, संभव हो, जिसमे शुभ लाभ हो, संतुष्टि हो, वह काम चुनिए. जरूरत पड़े तो कोई योग्य गुरु चुनिए व उसकी देख रेख में काम कीजिए.

पैसा कैसे कमाएं - 04


पैसा कमाने का एक रास्ता नौकरी है, दूसरा रास्ता व्यवसाय है.

बहुत लोगों को नौकरी करना अच्छा नही लगता, उन्हें व्यवसाय या बिजनेस या अपना काम करना अच्छा लगता है. हमें जो अच्छा लगता है, जो सूट करता है, वही करना चाहिए.

समुद्र में मोती मिलते हैं, ऐसा सुन कर सुमद्र में न कूद जाएं. समुद्र में उतरने से पहले उसकी गहराई, लहरों,ज्वार भाटा, जोखिम, खतरा, सुरक्षा आदि के बारे में जान लें.

बिजनेस करने से पहले भी उसके बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा कर लें, लाभ हानि गुण दोष सब समझ लें. अच्छा होगा कि किसी गुरु की देख रेख में काम करें. हर कदम सोच समझ कर बढ़ाएं.

अरुण का कहना है कि अगर आपका काम अच्छा चल रहा है तो धीमे धीमे आगे बढ़ते रहें. अगर अच्छा नही चल रहा है तो कंट्रोल्ड बिजनेस करें. एक कदम पीछे भी हट सकते हैं. अगर हानि हो रही है तो अपने काम का रूप प्रारूप तौर तरीके में बदलें, उनमें संसोधन की सोचें. अगर लगातार लंबे समय से हानि हो रही है तो बिजनेस के अलावां दूसरे विकल्प, जैसे कि नौकरी, खेती, सेवा, आदि के बारे में सोचें.

पैसा कैसे कमाएं - 05


नौकरी कर सकते हैं, बिजनेस कर सकते हैं, अगर बिजनेस करना भारी लगता है, रिस्की लगता है तो कम रिस्क वाले काम कर सकते हैं, जैसे कि स्वरोजगार कर सकते हैं.

अक्सर स्वरोजगार को बिजनेस से जोड़ दिया जाता है, पर हम आज की चर्चा के लिए इसे अलग रखेंगे.

हर आदमी के पास कुछ खास गुण होते हैं, कुछ खास हुनर होते हैं, कोई खास हॉबी होती है. जैसे कि कोई डांस करने में अच्छा होता है, कोई एक्टिंग करने में, कोई पढ़ाने लिखाने में, कोई फोटोग्राफी में, कोई एडिटिंग में, कोई वेबसाइट बनाने में, कोई न्यूज़ कलेक्शन या पत्रकारिता में. इसी तरह अन्य बहुत सारे काम हैं. ऐसे लोग अपने हुनर या हॉबी की लाइन का काम कर सकते हैं. अपने घर से कर सकते हैं या छोटी जगह ले कर कर सकते हैं. अकेले कर सकते हैं या अपने साथ एक दो व्यक्ति मिला कर कर सकते हैं. काम बहुत छोटे से शुरू कर सकते हैं. जीरो पैसे से या बहुत कम पैसे से शुरू कर सकते हैं.

हो सकता है कि ऐसा करके शुरवात में आप कम कमाएं पर कमाएंगे जरूर और यही जरूरी है. यह सेल्फ एम्प्लॉयमेंट है. आप अपने आप को काम दे रहे हो, अपने आप काम कर रहे हो. चूंकि इस सिस्टम में आपके ऊपर कोई बॉस नही है इसलिए आप को अपने को स्वयं कंट्रोल करना है, अपने को स्वयं अनुशासन में रखना है. अपने रिजल्ट, अपनी गुणवत्ता, अपनी प्रोग्रेस स्वयं देखनी है. अपने को स्वयं मोटीवेट करना है व आगे बढ़ना है. जिनमे ये गुण हैं उनके लिए स्वरोजगार या सेल्फ एम्प्लॉयमेंट अच्छा ऑप्शन है.


कोचिंग या ट्यूशन, बुटीक, ब्यूटीशियन, फोटोग्राफी, फ्लोरिस्ट, वेबडिज़ाइनिंग, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, इनकम टैक्स भरना, इन्षुरेन्स... आदि स्वरोजगार के सैकड़ों ऑप्शन हैं. ये काम फुल टाइम भी किए जा सकते हैं और पार्ट टाइम भी किए जा सकते हैं. कई लोग दिन भर कहीं नौकरी करते हैं और शाम को पार्ट टाइम स्वरोजगार करते हैं. घर की महिलाएं भी इस विषय पर सोच सकती हैं. उनके पास ट्यूशन, बेबी सिटिंग, ब्यूटी, बुटीक, कुकिंग आदि कई हुनर होते हैं, इसलिए कई ऑप्शन हैं.

पैसा कैसे कमाएं - 06

अभी तक हमने नौकरी, बिजनेस व स्वरोजगार की बात की. आज हम बात करेंगे - प्रोडक्शन या उत्पादकता की.

उत्पादकता या प्रोडक्शन लगभग हर क्षेत्र में है. प्रोडक्शन से भी पैसा कमाया जाता है, पर प्रोसेस लंबा है, प्रोडक्शन करने में समय लगता है व पैसा भी लगता है. इसमें तीन स्टेज होते हैं - रॉ मैटेरियल खरीदना, उसे मैन्युफैक्चर करना या प्रोसेस करना, तैयार हो जाने पर बेचना. अगर सब सही चल रहा है तो लाभ निश्चित है. पर रिस्क भी जादा है. तीनो स्टेज में पैसा लगाना पड़ता है. तीसरा स्टेज पूरा होने पर पैसा मिलता है. किसी भी स्टेज में रुकावट या खराबी या असफल होने पर हानि का रिस्क है.


उदाहरण : राजेश ने 1 लाख TV बनाए व बेचे, बहुत लाभ कमाया. दिनेश ने 500 वाशिंग मशीन बनाने शुरू किए, किसी कारण से काम आधे पर रुक गया, बहुत नुकसान हुआ.


कृषि उत्पादन में भी रिस्क है. सब अच्छा रहा तो लाभ है. कुछ खराब हो गया, जैसे कि मौसम खराब हो गया, तो हानि हो सकती है.


प्रोडक्शन का काम शुरू करने से पहले इन्वेस्टमेंट, प्रोसेस, सेल्स, प्रॉफिट लॉस आदि का गहन एनालिसिस जरूरी है.

जादा पैसा कैसे कमाएं - 07


आज लगभग हर युवा का यही प्रश्न है. उत्तर कठिन नही है. जादा पैसा कमाने के कुछ मूल सैद्धांतिक तरीके हैं. जैसे कि जादा काम करना, छुट्टी के दिन या पार्ट टाइम अतिरिक्त काम करना, स्मार्ट काम करना, बिजनेस में जादा ग्राहक आना, जादा उत्पादकता होना आदि. यह भी सही है कि यह सब होने के लिए जादा खर्चा भी लगता है, जो रिस्की है.


यह भी सोचना जरूरी है कि जादा पैसा कमाना है तो कितना जादा ? अभी आप जितना कमा रहे हैं उससे थोड़ा जादा या दोगुना या चार गुना या सौ गुना ? सोनू गुब्बारे को फुला रहा था, बहुत जादा फुलाने के चक्कर मे वो फूट गया, सीमा से जादा की चाह में अक्सर ऐसा होता है, इसलिए हमें सीमाएं पहचाननी चाहिए व उसमे रहना चाहिए.


इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि शुभ लाभ ही कमाएं. अरुण का कहना है कि अक्सर जादा कमाने की लालसा में लोग कब शुभ लाभ छोड़कर अशुभ लाभ की तरफ चले जानते हैं, उन्हें भी पता नही चलता. इसके लिए सावधान रहें. केवल शुभ लाभ ही कमाएं.


इस शुभकामना के साथ कि आप सभी सफल हों, हम इस ब्लॉग को यहीं विराम देते हैं. फिर कभी, समय मिलने पर, पुनः इसी विषय को आगे बढ़ाएंगे.



47 views0 comments

Recent Posts

See All
 

+91 99872 51475

153, Second Floor, Raghuleela Mall, Vashi, Navi Mumbai, Maharashtra, India, PIN 400703